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ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga)

 

भारत के 12 ज्योतिर्लिंग हैं: 

·       सोमनाथ (गुजरात),

·       मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश)

·       महाकालेश्वर (उज्जैन, म.प्र.),

·        ओंकारेश्वर (म.प्र.)

·       केदारनाथ (उत्तराखंड),

·        भीमाशंकर (महाराष्ट्र),

·        काशी विश्वनाथ (वाराणसी, उ.प्र.),

·        त्र्यंबकेश्वर (महाराष्ट्र)

·       वैद्यनाथ (झारखंड),

·        नागेश्वर (गुजरात)

·       रामेश्वर (तमिलनाडु) और

·        घृष्णेश्वर (महाराष्ट्र), जो भगवान शिव के पवित्र स्वरूपों के प्रतीक हैं और शिव पुराण में इनका उल्लेख मिलता है। 

ज्योतिर्लिंग (Jyotirlinga) भगवान शिव के पवित्र और दिव्य रूप का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो संस्कृत के शब्द 'ज्योति' (प्रकाश/चमक) और 'लिंग' (प्रतीक/चिह्न) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है 'प्रकाश का प्रतीक'; ये वो स्थान हैं जहाँ भगवान शिव स्वयं ज्योति (प्रकाश) के रूप में प्रकट हुए थे और शिव पुराण के अनुसार भारत में 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं, जिनके दर्शन से भक्तों के पाप दूर होते हैं और जो शिव की ऊर्जा का केंद्र हैं। 

  • अर्थ: ज्योतिर्लिंग का मतलब है 'प्रकाश का शिवलिंग' या 'चमकता हुआ प्रतीक', जो शिव के निराकार, ज्योतिर्मय स्वरूप को दर्शाता है।
  • उत्पत्ति: माना जाता है कि ये स्वयंभू हैं और शिव के प्रकाश-रूप में धरती पर प्रकट हुए थे।