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पूर्णिमा (Purnima)

 

पूर्णिमा (Purnima) का अर्थ है चंद्र मास (चाँद के महीने) की वह अंतिम तिथि (15वां दिन) जब चंद्रमा आकाश में पूरे आकार (100% प्रकाश) में दिखाई देता है, जो शुक्ल पक्ष के बाद आता है और अमावस्या से पहले होता है; यह हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण दिन है, जिस पर व्रत, पूजा और दान किया जाता है, और कई त्यौहार इसी दिन मनाए जाते हैं, जैसे बुद्ध पूर्णिमा और गुरु पूर्णिमा

पूर्णिमा के मुख्य बिंदु (Key Points of Purnima):

  • अर्थ: संस्कृत शब्द, जिसका अर्थ है "पूर्ण चंद्रमा" या "पूर्णमासी".
  • खगोलीय घटना: यह वह दिन है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी एक सीधी रेखा में होते हैं, और चंद्रमा पृथ्वी पर अपनी पूरी चमक बिखेरता है.
  • पंचांग में महत्व: यह शुक्ल पक्ष (चाँद के बढ़ते पखवाड़े) की अंतिम तिथि होती है, जिसके बाद कृष्ण पक्ष (घटते पखवाड़े) की शुरुआत होती है.
  • धार्मिक महत्व: इस दिन चंद्र देव की पूजा, भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा, गंगा स्नान, और दीपदान (चावल, दूध, चांदी जैसी सफेद वस्तुओं का दान) करना शुभ माना जाता है, जिससे मन शांत होता है और सुख-समृद्धि आती है.
  • प्रमुख त्यौहार: कई महत्वपूर्ण त्यौहार जैसे बुद्ध पूर्णिमागुरु पूर्णिमा, और कार्तिक पूर्णिमा इसी तिथि पर मनाई जाती है. 
संक्षेप में, पूर्णिमा वह दिन है जब चाँद पूरा चमकता है, और यह धार्मिक अनुष्ठानों और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. 


पूर्णिमा यानी शुक्ल पक्ष का 15वां दिन। यह महीने में 1 बार आती है। इस तरह पूरे साल में कुल 12 पूर्णिमा तिथि होती है। पूर्णिमा तिथि के दिन चांद यानी चंद्रदेव अपनी पूर्णकला के साथ आसमान में शोभायमान होते हैं इसलिए पूर्णिमा तिथि का हिंदू धर्म में बड़ा ही महत्व है। चंद्रमा का पूर्ण प्रभाव में होना चंद्रमा के शुभ फलों में वृद्धि करने वाला होता है। ज्योतिषशास्त्र में चंद्रमा को मन का कारक ग्रह बताया गया है। इसलिए पूर्णिमा के दिन मन को संतुलित और संयमित रखने के लिए भी व्रत रखकर चंद्रमा सहित भगवान भोलेनाथ का पूजन करने का विधान है। वैसे पूर्णिमा तिथि के दिन देवी लक्ष्मी सहित भगवान विष्णु की भी पूजा करने का नियम है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु सहित देवी लक्ष्मी की पूजा करने से धन दौलत और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

वैसे आपको बता दें कि साल में आने वाली 12 पूर्णिमा तिथियों में माघ पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा, सावन पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा, आश्विन पूर्णिमा और कार्तिक पूर्णिमा का विशेष रूप से महत्व है। पूर्णिमा तिथि पर गंगा स्नान करना भी बहुत पुण्यदायी माना गया है।