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एकादशी (Ekadashi)

 

एकादशी (Ekadashi) हिंदू पंचांग के अनुसार, चंद्र मास के शुक्ल (बढ़ते) और कृष्ण (घटते) पक्ष का ग्यारहवाँ दिन (तिथि) होता है, जो भगवान विष्णु को समर्पित एक पवित्र दिन है, जिस पर भक्त व्रत रखते हैं और उनकी पूजा करते हैं, जिससे पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि मिलती है; यह 'एक' और 'दश' से मिलकर बना है, यानी ग्यारहवाँ दिन, जो हर महीने दो बार आता है.

एकादशी क्या है?

अर्थ: 'एक' (1) और 'दश' (10) से मिलकर 'ग्यारह' (11) बनता है, यानी ग्यारहवाँ दिन.

कब: यह हर महीने (पूर्णिमा और अमावस्या के बाद) दो बार आती है, हर पखवाड़े (पक्ष) में एक बार.

महत्व: इसे अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है, जो भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित है.

परंपरा: इस दिन अन्न का त्याग कर व्रत (उपवास) रखने और भगवान की भक्ति करने की परंपरा है, जिससे सभी पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष प्राप्त होता है.

एकादशी के प्रकार

एकादशी का पालन

  • व्रत में फलाहार (फल, दूध) का सेवन किया जाता है.
  • इस दिन भगवान विष्णु की पूजा धूप, दीप, चंदन, फल और पंचामृत से की जाती है.
  • एकादशी व्रत के प्रभाव से व्यक्ति सभी कष्टों से मुक्त होकर विष्णु लोक को प्राप्त करता है